ग्रीनपीस इंडिया की महिला कार्यकर्ता प्रिया पिल्लई को जनवरी में विदेश जाने से रोकने के लिए विमान से उतारे जाने की घटना के कुछ माह बाद एनजीओ के सोमवार को दावा किया कि वैध दस्तावेज के बावजूद उसके एक अंतरराष्ट्रीय स्टाफ को भारत में घुसने नहीं दिया गया।
एनजीओ के मुताबिक ग्रीनपीस इंटरनेशनल के सदस्य एरॉन ग्रे-ब्लॉक शनिवार को सिडनी से भारत के लिए चले थे,लेकिन उन्हें बंगलूरू से लौटा दिया गया। ग्रे-ब्लॉक शनिवार को संगठन के स्टाफ के साथ बैठक करने वाले थे। वह ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे।