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बिहार में ‘गायब’ हो गया 281 करोड़ का अनाज

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दवा खरीद में अनियमितता से परेशान जीतन राम मांझी सरकार अब नई परेशानी में फंस गई है। इस बार बिहार में काम के बदले अनाज योजना के तहत दिए गए अनाज में से 281 करोड़ रुपये के अनाज का लेखा-जोखा नहीं मिल रहा है।
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सरकार का कहना है कि योजना के तहत कुल 334 करोड़ के अनाज लोगों में बांटने के लिए दिए गए थे, लेकिन केवल 53 करोड़ के अनाज लोगों में बांटने का लेखा-जोखा मिल रहा है। बाकी अनाज का क्या हुआ, सरकार इसकी पड़ताल में जुट गई है।

इस अनियमितता की जद में राज्य के एक हजार से ज्यादा सरकारी अधिकारी आ गए हैं। राज्य सरकार ने उस समय के डीडीसी रहे 107 अधिकारियों और 900 बीडीओ से जवाब-तलब किया है।
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फिर मुश्किल में बिहार सरकार

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने 2001 से 2005 तक काम के बदले अनाज योजना के हिसाब में गड़बड़ी पकड़ी है। इसके बाद व्यापक स्तर पर इसकी जांच शुरू की गई है।

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 2001 से 2005 तक गरीबों के लिए काम के बदले अनाज योजना चलाई थी। सरकार की ओर से 334 करोड़ रुपये के अनाज जिलों को मुहैया कराए गए थे, लेकिन इसमें से मात्र 53 करोड़ का हिसाब मिल रहा है।

बाकी के 281 करोड़ के अनाज कहां गए इसका जवाब देने को कोई तैयार नहीं है।
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