अगर आपने अंगदान किया है तो आपकी मौत के बाद इस वादे को हर हाल में पूरा करने की गुंजाइश बढ़ गई है। अंगदान करने वालों की किसी भी समय और किसी भी स्थिति में पहचान सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल सिम सहित अन्य महत्वपूर्ण पहचान पत्रों में इस आशय की सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने जा रही है।
दरसअल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में अंगदान को गंभीरता से लिया था। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दिशा में तेजी से कदम उठाने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि मंत्रालय इस दिशा में विस्तृत और व्यापक नीति तैयार कर रही है। इस क्रम में लोगों से सुझाव मांगे जा रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत में मानव अंगों की मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर है। इसके अलावा अब तक यह व्यवस्था नहीं है कि मरने के बाद अपने अंग दान करने का शपथ देने वालों की इच्छा को हर हाल में कैसे पूरी की जाएगी।