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आपका डीएल बताएगा आप अंगदान के इच्छुक हैं कि नहीं

Sat, 12 Dec 2015 02:28 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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अगर आपने अंगदान किया है तो आपकी मौत के बाद इस वादे को हर हाल में पूरा करने की गुंजाइश बढ़ गई है। अंगदान करने वालों की किसी भी समय और किसी भी स्थिति में पहचान सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल सिम सहित अन्य महत्वपूर्ण पहचान पत्रों में इस आशय की सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने जा रही है।
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दरसअल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में अंगदान को गंभीरता से लिया था। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दिशा में तेजी से कदम उठाने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि मंत्रालय इस दिशा में विस्तृत और व्यापक नीति तैयार कर रही है। इस क्रम में लोगों से सुझाव मांगे जा रहे हैं।

गौरतलब है कि भारत में मानव अंगों की मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर है। इसके अलावा अब तक यह व्यवस्था नहीं है कि मरने के बाद अपने अंग दान करने का शपथ देने वालों की इच्छा को हर हाल में कैसे पूरी की जाएगी।
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टीडीपी सांसद जयदेव ने जेपी नड्डा को उलझाया

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान टीडीपी के सांसद जयदेव गल्ला ने इसी संदर्भ में अपने सवाल से शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री को उलझा दिया। उन्होंने कहा कि मैंने मृत्यु के बाद गुंटूर अस्तपाल को अंगदान का फैसला किया है। अगर मेरी मृत्यु वहां से बहुत दूर किसी दूसरे स्थान पर हुई तो मेरी यह इच्छा कैसे पूरी होगी।

गल्ला ने कहा कि सरकार मोबाइल सिम में अंगदान करने वालों की सूचना देने की व्यवस्था क्यों नहीं करती। इसके बाद इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी सवाल किया कि अंगदान करने वालों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य तरह के पहचान पत्रों में इस आशय की जानकारी देने की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती।

चौटाला का कहना था कि ऐसा किए जाने पर आकस्मिक मौत की स्थिति में इस आशय की जानकारी तत्काल हासिल की जा सकेगी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि पीएम की ओर से इस मामले में दिलचस्पी लेने के बाद मंत्रालय अंगदान कराने वालों की पहचान सुनिश्चित कराने के लिए कई तरह के सुझाव को अमल में लाने की तैयारी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी लोगों से वेबसाइट के माध्यम से सुझाव मांगे गए हैं। जल्द ही इस संबंध में व्यापक नीति तैयार करने के साथ ही हर हाल में पहचान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी।
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