सरकार रक्षा खरीद सौदे की व्यवस्था बदलने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्रालय अब सैनिक साजोसामान के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को ठेका देने के बजाय देश की निजी कंपनियों से करार करेगी।
रक्षा साजोसामान और हथियारों की खरीद से जुड़े छह क्षेत्रों में इन कंपनियों से करार होंगे। रक्षा खरीद और अधिग्रहण को नई शक्ल देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख वी के आत्रे की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया अभियान के तहत कंपनियों के चयन के लिए निर्देश सुझाएगी।
इसके तहत पनड़ुब्बी, विमानों और मिसाइलों की सप्लाई और दूसरे साजो-सामान के उत्पादन और अधिग्रहण समेत छह क्षेत्रों का चयन किया जाएगा।