केंद्र सरकार ने पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अपने पर्यटन वीजा नियमों में कुछ ढील दी है। सरकार ने विदेशी पर्यटकों पर लगातार दो यात्राओं के बीच में दो महीने के अंतराल की बाध्यता को समाप्त कर दिया है।
हालांकि पाकिस्तान, चीन, ईरान, इराक, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, सूडान के नागरिकों और पाकिस्तान तथा बांग्लादेशी मूल के लोगों तथा किसी भी देश की नागरिकता नहीं रखने वाले लोगों (स्टेटलेस) पर 60 दिन के अंतराल का नियम पहले की भांति लागू रहेगा।
सरकार ने यह बाध्यता मुंबई आतंकी हमले के बाद 2009 में यह पता चलने के बाद लागू की गई थी कि लश्कर ए ताइबा के आतंकी डेविड हेडली ने मल्टीपल एंट्री वीजा का दुरुपयोग किया। इसकी मदद से हेडली नौ बार भारत दौरे पर आया और पाकिस्तान स्थित आतंकी गुटों के लिए 26/11 में निशाना बने ठिकानों का फुटेज तैयार किया।
गृहमंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय वीजा के लिए आवेदन करने वाले किसी आवेदक का यदि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का जुड़ाव होने पर (चाहे वह दो पीढ़ी पुराना ही क्यों न हो) भारतीय मिशन को अनिवार्य रूप से मंजूरी के लिए दिल्ली भेजना होगा।
23 नवंबर के अपने आदेश में गृहमंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने विदेशी पर्यटकों के भारत की यात्रा पर लगे दो माह के अंतराल की बाध्यता की समीक्षा की। इसके बाद सरकार ने इस अनिवार्यता को खत्म करने का निर्णय लिया है। यह कदम प्रधानमंत्री कार्यालय की जनवरी 2012 में की गई पहल के चलते उठाया गया है।
इस मसले को पर्यटन मंत्रालय ने पीएमओ के साथ उठाया था और कहा था कि इससे पर्यटन उद्योग पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पीएमओ ने गृह और विदेश मंत्रालय को प्रतिबंधों की समीक्षा करने को कहा था।