1993 मुंबई सीरियल धमाके के गुनाहगार याकूब मेमन की फांसी के बाद सरकार इस मामले के बचे हुए आरोपियों को भारत लाने की कवायद तेज कर रही है। सरकार ने एजेंसियों को आरोपियों की ताजा जानकारी के आधार पर पूरी योजना का ब्लू प्रिंट तैयार करने को कहा है।
शनिवार को गृहमंत्रालय में आतंकवाद पर होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में इस मसले पर अहम फैसला होने की उम्मीद है। सरकार ने संकेत दिया है कि इस मामले में आक्रामक रुख अपनाया जाए।
साथ ही सरकार इस संभावना पर गंभीरता से विचार कर रही है कि याकूब की फांसी का बदला लेने के नाम पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एक बार फिर अंडरवर्ल्ड का इस्तेमाल कर सकता है।
गृहमंत्रालय को अंदेशा है कि याकूब की फांसी को लेकर उठा राजनीति विवाद आईएसआई और अंडरवर्ल्ड के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
इस मामले में दाऊद इब्राहिम, अनीस इब्राहिम, याकूब का भाई टाईगर मेमन, मोहम्मद दोसा, ताहिर मर्चेंट, अब्दुल कयूम और अजीज बिलखिया समेत 35 आरोपी फरार हैं।
सीबीआई और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इन सभी ने अलग अलग देशों में पनाह ले रखा है। गौरतलब है कि मुंबई सीरियल धमाके में कुल 123 आरोपी हैं।
याकूब का बदला लेने को आईएसआई कर सकती है अंडरवर्ल्ड का इस्तेमाल
गृहमंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच कर रही सीबीआई की ओर से सभी आरोपियों के खिलाफ जारी रेड कार्नर नोटिस और अन्य कानूनी प्रक्रिया अबतक नाकाफी साबित हुए हैं।
याकूब के बाद एजेंसियों को इस मामले में बड़ी सफलता अबू सलेम के रुप में हाथ लगी थी। इसे लंबी मशक्कत के बाद पुर्तगाल से प्रत्यर्पण पर लाया गया था।
उसके बाद से टाईगर मेमन, दोसा और मर्चेंट जैसे आरोपी सचेत हो कर छुपे रहने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक यह लोग दुबई और खाड़ी के अन्य देशों में रह रहे हैं।
जहां तक दाऊद और उसके भाई अनीस का सवाल है यह दोनों पाकिस्तान में हैं जिसका सबूत भारत कई बार दे चुका है। अमेरिका की ओर से दाऊद के खिलाफ तमाम सख्ती के बावजूद उस तक पहुंचने में सफलता हासिल नहीं हो पाई है।
अब सरकार ने एजेंसियों को संकेत दिया है कि इन आरोपियों को कानून के हवाले करने के लिए आक्रामक रुख भी अपनाना पड़े तो उससे परहेज नहीं किया जाए।
गृहमंत्रालय कर रहा तैयारी
गृहमंत्राल राजनाथ सिंह आतंकवाद पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत दोभाल और खुफिया एजेंसी आईबी व रॉ के प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं।
इस हफ्ते पंजाब के गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर आईएसआईएस और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर बातचीत होगी।
सूत्रों ने बताया कि गुरदासपुर हमले की चल रही जांच में की गंभीर तथ्य सामने आए हैं जिन्हें अनदेखा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
साथ ही साइबर के जरिए युवाओं को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों पर भी विचार विमर्श किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक दाऊद इब्राहिम और टाईगर मेमन जैसे मुंबई धमाकों के विदेशों में छुपे हुए आरोपियों को भारत लाने की दिशा में भी अहम बातचीत होगी।