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दस्तावेज लीक: मोदी के आगे कुआं पीछे खाई

Mon, 23 Feb 2015 08:57 AM IST
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट्रोलियम मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज लीक होने के सनसनीखेज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर सरकार आगे कुआं और पीछे खाई वाली स्थिति में फंस गई है। अगर वह मामले से जुड़ी कॉरपोरेट कंपनियों पर कार्रवाई करती है तो इससे निवेश का माहौल प्रभावित हो सकता है और कार्रवाई नहीं करती तो उसे राजनीतिक घाटा होना तय है।
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दरअसल, सरकार यह तय नहीं कर पा रही है वह सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराए या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए अन्य विकल्प आजमाए। इस पूरे प्रकरण में देश की करीब आधा दर्जन शीर्ष कंपनियां शामिल हैं, इसलिए सरकार को डर है कि इस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराने पर कहीं देश में निवेश व कारोबारी माहौल पर प्रतिकूल असर न पड़े। सरकार को कॉरपोरेट के नाराज होने का भी अंदेशा है।

दूसरी ओर, सरकार अगर कार्रवाई नहीं करती तो उसे इसका भारी सियासी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही कारण है कि मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ओर से अदालत को पूरा मामला आफीशियल सीक्रेट एक्ट का बताए जाने के बावजूद इस एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया है। इस एक्ट की धारा तीन न केवल राष्ट्रीय हित को प्रभावित करने और देश के खिलाफ साजिश की बात करती है, बल्कि मामले को दुश्मन देश को फायदा पहुंचाने से भी जोड़ती है।
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मामले को हलके में नहीं लेना चाहती सरकार

पहली नजर में लगता है कि कंपनियों ने गोपनीय दस्तावेज हासिल कर खुद को आर्थिक लाभ पहुंचाया है। चूंकि इस मामले की देश दुनिया में व्यापक चर्चा हो चुकी है, इसलिए सरकार पूरे मामले को अब हलके से भी लेते नहीं दिखना चाहती।

इस मामले में फिलहाल आरआईएल, एस्सार, केयर्न एनर्जी, जुबिलैंट एनर्जी, एडीएजी जैसी दिग्गज कंपनियां उलझी हैं। दिल्ली पुलिस अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं, इनमें कंपनियों के पांच वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक पत्रकार भी शामिल है।

विपक्ष घेरने के मूड में
सरकार की मुश्किल यह भी है कि सोमवार से ही संसद का बजट सत्र भी शुरू हो रहा है। विपक्ष इस मुद्दे पर भी सरकार को घेरने के मूड में है। आम आदमी पार्टी ने तो इस मामले से जुड़ी कंपनियों के नाम काली सूची में भी डालने की मांग की है।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि यह किसी एक (कारपोरेट) के बारे में या किसी एक के खिलाफ नहीं है। हमारे घर में चोरी हुई है और हमने इसकी विस्त़ृत जांच के लिए सक्षम तंत्र से संपर्क साधा है। एक चीज बिल्कुल साफ है कि किसी को व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा। यह सरकार दोषियों को दंडित करने के लिए तत्पर है।
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