बाजार से खरीदी गई दवा असली है या नकली, इसकी पहचान करना अब आपकी मुट्ठी में होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में मिलने वाली सभी दवाओं पर अनिवार्य रूप से बार कोड लगाने के फैसले पर अपनी कार्यवाही तेज कर दी है।
मंत्रालय ने इससे संबंधित अधिसूचना के मसौदे पर तमाम पक्षकारों से सुझाव लिए हैं। उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर तक आम जनता को इंटरनेट के सहारे असली-नकली दवाइयों को परखने की आजादी मिल जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि किसी भी दवा की असलियत का पता इसी बार कोड से चलेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए एक नए पोर्टल को तैयार करने में जुटा है।