डीजल के दाम तय करने की छूट कंपनियों को देने के फैसले से सरकार के विरोधी ही नहीं, बल्कि अपने भी उसके खिलाफ हो गए है। सरकार को बाहर से समर्थन दे रही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी का हाथ आम आदमी के नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के साथ है।
मायावती ने यूपीए सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से आम आदमी पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में यूपीए की सरकार बनी है, तभी से ज्यादातर मामलों में काफी गलत निर्णय लिए गए हैं। इन गलत निर्णयों के कारण ही देश में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है। मायावती ने कहा कि सरकार को सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या बढ़ाकर 12 करनी चाहिए।
वहीं, यूपीए सरकार की सबसे बड़ी सहयोगी डीएमके ने भी डीजल की कीमतें नियंत्रण मुक्त करने के फैसले का विरोध किया है। डीएमके ने सरकार से डीजल की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने और सस्ते गैस सिलेंडर की संख्या नौ से बढ़ाकर 12 करने की मांग की है।
डीएमके अध्यक्ष एम करुणानिधि ने कहा कि डीजल की कीमतों को बाजार के हवाले करने का फैसला जनविरोधी है। करुणानिधि ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग डीजल की कीमतों में 50 पैसे की बढ़ोतरी झेलने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से महंगाई और बढ़ेगी। उन्होंने कहा संसदीय समिति पहले ही साल में सब्सिडी वाले 12 सिलेंडर जारी करने का सुझाव दे चुकी है। सरकार को इसपर तुरंत अमल करना चाहिए।