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राज्यपाल ने ठुकराई संजय दत्त की दया याचिका

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महाराष्ट्र के राज्यपाल चेन्नमानेनी विद्यासागर राव ने फिल्म अभिनेता संयज दत्त की दया याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने ढाई साल पहले दायर की थी। हालांकि, संजय दत्त मीडिया के सामने पहले ही कह चुके हैं कि सुप्रीम कोर्ट की सजा के खिलाफ वह दया याचिका नहीं दाखिल करेंगे।
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आपको बता दें कि अपने याचिका में काटजू ने संजय दत्त को संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत यह कहते हुए माफ करने के लिए कहा था कि उनकी (संजय) 1993 में हुए बम धमाकों में कोई भूमिका नहीं थी। काटजू ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि संजय दत्त को बिना लाइसेंस के हथियार रखने का दोषी पाया गया है। उन्हें कानून में दर्ज कम से कम सजा दी जाए।
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2016 में रिहा हो रहे हैं दत्त

काटजू ने कहा था, 'आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1A) के तहत अगर किसी व्यक्ति को बगैर लाइसेंस हथियार रखने का दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम 5 साल और अधिक से अधिक 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।' उन्होंने यह भी कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल और राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को माफ करने का अधिकार है। चाहे वह सजा कम से कम क्यों न हो।

गौरतलब है कि संजय दत्त को 1993 बम धमाकों में आर्म्स एक्ट की तहत दोषी पाया गया था जिसके बाद उन्हें 1996 में जेल भेज दिया गया था। करीब 18 महीने बाद वह जमानत पर बाहर आ गए। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में उन्हें दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई और बाकि बचे 42 महीने जेल में बिताने के आदेश दिए। फिलहाल, वह 30 महीने की सजा काट चुके हैं और 2016 में उनकी सजा पूरी हो जाएगी।
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