जदयू के नेता नीतीश कुमार के आरोप से बिहार के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी आहत दिखे। शुक्रवार को यहां एक संस्थान के कार्यक्रम में भाग लेने आए राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ओछे आरोपों से काफी कष्ट हुआ है।
बड़े कद के नेता भी राजनीति के चक्कर में ऐसी बातें करेंगे, सोचा नहीं था। 20 जनवरी को ही मंत्रिपरिषद ने 20 फरवरी को संयुक्त सदन होने और राज्यपाल के अभिभाषण की घोषणा कर दी थी।
नीतीश कुमार और लालू यादव नौ फरवरी को आए और कहा कि मांझी को पार्टी से हटा दिया गया है। तुरंत कहिए कि बहुमत साबित करें या नीतीश को बतौर मुख्यमंत्री शपथ दिलाएं।