भोपाल की एक स्थानीय अदालत के उस फैसले से प्रदेश में कानून का खुला उल्लंघन चर्चा में आ गया है जिसमें अदालत ने पुलिस को कहा था कि पीड़ित व्यक्ति को पुलिस मुख्यालय का फर्नीचर बेचकर मुआवजा दिया जाए। अदालत का यह आदेश पुलिस की गाड़ी से घायल होने व्यक्ति याचिका पर आया था।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, कानून का खुले तौर पर उल्लंघन कर रहे बड़े राजनेताओं और नौकरशाहों के नाम सामने आए हैं। खबर है कि राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यपाल राम नरेश यादव और राज्य डीजीपी सुरेंद्र सिंह भी बिना बीमा की गाड़ियों में यात्रा करते हैं।
ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब जनता के प्रतिनिधि और कानून के रखवाले ही कानून का मजाक बनाएंगे तो आम नागरिक पर कानून का क्या असर होगा?
गौरतलब है मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति बिना बीमा वाली गाड़ी में यात्रा करता है तो उसे एक हजार रुपए तक जुर्माना या तीन साल की जेल या दोनों हो सकते हैं।