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नौकरशाहों का विदेश में इलाज अब सरकारी खर्चे पर

Mon, 09 Sep 2013 07:50 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
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महंगे डॉलर के बावजूद सरकार ने आईएएस, आईपीएस और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अफसरों और उनके आश्रितों के विदेश में इलाज का खर्चा देना मंजूर कर लिया है।
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मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में इलाज के लिए उन्हें सीधे हेलीकॉप्टर से राज्य के बाहर भी ले जाया जा सकता है।

इन अफसरों और इनके आश्रितों को देश और विदेश दोनों जगह इलाज का पूरा खर्चा मिलेगा। इससे पहले विदेश में इलाज का खर्चा नहीं मिलता था।

कार्मिक मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के सदस्य सरकार के खर्चे पर अपना और अपने आश्रितों का विदेश में इलाज करा सकते हैं।

जिन बीमारियों के इलाज की अनुमति मिली है उनमें बेहद जोखिम वाली दिल की सर्जरी, अस्थि मज्जा (बोनमेरो) ट्रांसप्लांट, ब्लड कैंसर और नियो प्लास्टिक जटिलताएं शामिल हैं।
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माइक्रो-वेस्क्यूलर और न्यूरो सर्जरी समेत बेहद जटिल हालातों से पैदा बीमारियों का इलाज विदेश में कराया जा सकता है। हालांकि विदेश में इलाज की अनुमति स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर ही मिलेगी।
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कार्मिक मंत्रालय के नियमों के मुताबिक मरीज के साथ विदेश या राज्य से बाहर जाने वाले परिचारक के भी आने-जाने का पूरा विमान किराया मिलेगा।

नियम के मुताबिक इलाज में खर्च की सीमा और शर्तें भारतीय विदेश सेवा के तहत विदेश में तैनात अफसरों के ग्रेड के बराबर ही होंगी। इस समय देश में 4737 आईएएस, 3,637 आईपीएस और 2,700 आईएफओएस अफसर कार्यरत हैं।
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