अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत में धार्मिक असहिष्णुता संबंधी चिंता जताने के बाद केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत में सहिष्णुता का बहुत लंबा इतिहास है और अपवाद स्वरूप घटनाएं भारत के इस इतिहास को नहीं बदल सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हर समुदाय को सहिष्णु होना चाहिए और हम भी इसे स्वीकार करते हैं। भारत का इतिहास सहिष्णुता का रहा है। छोटी-मोटी घटनाएं उस इतिहास को बदल नहीं सकतीं। भारत की सहिष्णुता का सबसे अच्छा उदाहरण था कि दलाई लामा ओबामा के पास ही बैठे थे।
उत्तराखंड में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि धार्मिक सहिष्णुता भारत की परंपरा में समाहित है। सिंह ने कहा कि भारत विश्व में एकमात्र ऐसा देश है जहां मुस्लिमों और ईसाइयों और अन्य समुदाय के साथ पारसी और यहूदी भी मौजूद हैं। सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां जाति, समुदाय और वर्ग के आधार कभी भेदभाव नहीं होता है।
सिंह के अनुसार देश में कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी धर्म से संबंधित हो देश में असुरक्षित नहीं हैं। दिल्ली में चर्च पर हमलों के संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री ने आश्वासन दिया कि जो लोग इस प्रकार की गतिविधि में शामिल होंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।