धर्मांतरण के मुद्दे पर संसद में दिनभर चले जबरदस्त हंगामे के बाद देर शाम केन्द्र सरकार ने इस पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया। बहस के दौरान मामला आरएसएस बनाम विपक्ष बन गया।
जिस पर केन्द्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने सरकार का पक्ष रखते हुए मामले में आरएसएस और सरकार का नाम जोड़ने पर जबरदस्त आपत्ति जताई। हालांकि विपक्षियों द्वारा आरएसएस पर लगाए जाए जा रहे धर्मांतरण के आरोपों के बीच तैश में आए वैंकेया नायडू ने बीच सदन में ही सीना ठोक कर कह दिया कि हां मुझे आरएसएस की पृष्ठभूमि और उससे जुड़े होने पर गर्व है।
बातों-बातों में वैंकेया ने आरएसएस को महान संगठन बता दिया। इसको लेकर विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। सपा के मुलायम सिंह ने जबरदस्त विरोध जताते हुए केन्द्रीय मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई। हालांकि बहस के दौरान सरकार धर्म परिवर्तन पर कानून बनाने को तैयार हो गई।
विपक्ष के हमलों पर सरकार का करारा जवाब
धर्मांतरण मुद्दे को लेकर गुरुवार को दिनभर संसद में हंगामा चलता रहा। विपक्ष की ओर से जहां जदएस के देवगौड़ा, कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजद सांसद पप्पू यादव, सीपीआईएम के सांसद मोहम्मद सलीम और हैदराबाद के सांसद औवेशी ने सरकार पर जबरदस्त वार करते हुए इस पूरे प्रकरण के पीछे आरएसएस की साजिश बताया।
वहीं सरकार की ओर भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल और वरुण गांधी ने मोर्चा संभाला। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने धर्मांतरण को इतिहास से जोड़ते हुए इस पर गंभीरता से चिंतन की वकालत की। वहीं वरुण गांधी ने इसे हिंदुओं की घर वापसी बताते हुए इस पर हल्ला मचाने वालों की आलोचना की।
हालांकि सरकार के लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह के बयान ने कुछ राहत प्रदान की। मुलायम ने इस पर मचे हंगामे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब इस मुद्दे को लेकर आगरा और उसके आसपास कोई हंगामा या प्रतिक्रिया नहीं है तो फिर संसद में इस पर क्यों हल्ला मचा है।
देर शाम सरकार की ओर से मोर्चा संभाला वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने। उन्होंने इस पर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर जबरदस्ती सरकार और आरएसएस का नाम घसीटा जा रहा है। जबकि पूरे मामले से न सरकार का कुछ लेना देना है न आरएसएस का।
'आरएसएस महान संगठन मुझे इस पर गर्व'
आरएसएस का पक्ष लेने पर जब विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई तो वैकेया तैश में आ गए और कह दिया कि आरएसएस एक महान संगठन है। मुझे इससे जुड़े होने पर गर्व है। विपक्ष को इसे मुद्दा बनाने का कोई हक नहीं है।
इस पर सपा सांसद मुलायम सिंह ने जबरदस्त विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। वैंकेया यहीं नहीं रुके और धर्मांतरण के दौरान हिंदू शब्द को लेकर विपक्षी दलों की आपत्ति की भी जमकर आलोचना की।
उन्होंने हिंदु शब्द से जुड़े विभिन्न कंपनी और अन्य संगठनों का भी उदाहरण दिया। 26 जनवरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिन राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए जय हिंद बोला जाता है तो इसका मतलब क्या सिर्फ हिंदुओं के कल्याण से है।
ग्रामाफोन की तरह एक ही राग अलापता है विपक्ष
हिंदू शब्द की जबरदस्त पैरवी करते हुए वैंकेया ने कहा स्वामी विवेकानंद, दीनदयाल उपाध्याय आदी महानुभावों ने कई बार अपने भाषणों में हिंदु और हिंदुस्तान का जिक्र किया इसलिए इस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
उन्होंने विपक्षियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि बचपन में हम ग्रामोफोन सुनते थे, जिसमें घूम फिरकर एक ही टेप बजता रहता था, विपक्ष भी इसी तरह घूम फिरकर एक ही राग अलापता रहता है।
वैकेया के अनुसार इस मुद्दे को विपक्ष ने जबरन तिल से ताड़ बना दिया। विपक्ष की मांग पर सरकार इस पर चर्चा को भी तैयार हो गई लेकिन उनकी मंशा कुछ और ही है ये लोग जानबूझकर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे।
विपक्ष के हंगामे पर उन्होंने तंज कसा कि विपक्ष इस तरह हंगामा कर रहा है जैसे कोई 2जी या कोल स्कैम हो गया हो। वहीं इससे पूर्व इससे पूर्व भाजपा सांसद महंत आदित्यनाथ ने इसे हिंदुओं की घर वापसी बताते हुए इसका समर्थन किया था।