सितंबर 2014 तक के डेटा के हिसाब से सरकार ने मुख्य सेक्टरों में कुल बजट का 30 प्रतिशत से भी कम खर्च किया है। मिन्ट में छपी खबर के मुताबिक ऐसे बहुत सारे मंत्रालय हैं, जिन्होंने सरकार के 6 महीनों के कार्यकाल में कुल बजट का 30 प्रतिशत से भी कम खर्च किया है।
ऐसा करने का कारण यह हो सकता है कि सरकार ने हर मंत्रालय को प्राइओरिटी में रखा है। जिन क्षेत्रों में खर्च औसत से कम किया गया है उनमें वित्त वर्ष के दूसरे हिस्से में अधिक खर्च किया जा सकता है। ऐसे मंत्रालयों की लिस्ट से मोदी का स्वच्छता अभियान भी लड़खड़ाता सा नजर आ रहा है।
आपको बता दें कि स्वच्छ भारत को जोरों शोरों से बढ़ावा देने के बावजूद भी पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने इसके लिए काफी कम बजट खर्च किया है। जितने बजट की योजना इस मंत्रालय ने बनाई थी, पहले 6 महीनों में उसका सिर्फ 29 प्रतिशत ही खर्च किया गया है।