राज्यसभा में विपक्ष के बहुमत के चलते तमाम आर्थिक सुधार से जुड़े बिलों पर जूझ रही केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पर बीच का रास्ता निकालने की संभावना टटोल रही है।
लोकसभा से पारित बिल के मौजूदा स्वरूप के खिलाफ ताल ठोक रहे विपक्ष को मनाने के लिए सरकार ने बिल में कुछ और बदलाव करने के पुख्ता संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि बिल में किसानों की सहमति और सामाजिक प्रभाव के आकलन वाले प्रावधान पर सरकार नरमी बरत सकती है।
इन दोनों ही प्रावधानों पर विपक्षी दलों का ज्यादा विरोध है। सरकार राज्यसभा में बिल को पेश करने से पहले संख्या बल का जुगाड़ कर लेना चाहती है। इसलिए वह बिल को बजट सत्र के दूसरे हिस्से में राज्यसभा में पेश करेगी।
एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि विपक्ष को राजी करने के तहत सरकार लोकसभा में पारित बिल में कुछ और बदलाव करेगी। इसीलिए बिल को सत्र अवकाश के बाद बजट सत्र के दूसरे हिस्से में राज्यसभा में पेश किया जाएगा। सरकार के आला मंत्री विपक्षी दलों को साधने में जुटे हुए हैं।