नक्सलियों को करारा जवाब देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय रणनीति तैयार कर रहा है।
उसकी योजना कड़ी जवाबी कार्रवाई के माध्यम से नक्सलियों को बैकफुट पर धकेलने की है।
घटनास्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहुंचे गृह मंत्रालय के नक्सल प्रबंधन के संयुक्त सचिव एमएएच गणपति सीआरपीएफ के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर इस रणनीति को अमली जामा पहनाने के तरीके पर चर्चा कर रहे हैं।
जल्द से जल्द पलटवार करने के लिए बड़े और सुनियोजित ऑपरेशन की सहायता ली जा सकती है।
दरअसल राजनीतिक नेतृत्व पर नक्सलियों के अब तक के सबसे बड़े हमले से गृह मंत्रालय के अधिकारी बुरी तरह आहत हैं।
शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि अगर इसका तत्काल और कड़ा जवाब नहीं दिया गया, तो इससे नक्सलियों के हौसले और बढ़ेंगे। मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘यह बेहद बर्बर हमला था।
अगर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो नक्सलियों का हौसला और बढ़ेगा। इन्हें तत्काल कड़ा सबक सिखाने की जरूरत है। इस पर गंभीर मंथन हो रहा है।’
राजनीतिक नेतृत्व पर हुए इस हमले में राज्य पीसीसी अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, राज्य विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता रहे महेंद्र कर्मा समेत कई कांग्रेसी नेता मारे गए हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला बुरी तरह से घायल हुए हैं।
वायुसेना ने लगाई जान की बाजी
छत्तीसगढ़ में हुए बर्बर हमले के बाद रात में ही वायुसेना ने नाइट विजन एवं हेलीकाप्टरों की सहायता से राहत एवं बचाव कार्य का मोर्चा संभाला।
भारी जोखिम उठाते हुए वायु सेना की सेंट्रल एयर कमांड की टीम के जांबाजों ने दर्जनों घायलों को घटनास्थल से 400 किमी दूर रायपुर के अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
वायुसेना ने यह ऑपरेशन ऐसी जगह किया, जहां दिन में भी राहत कार्यों को अंजाम देना बेहद मुश्किल है। मदद के लिए दो हेलीकाप्टर रायपुर और तीन हेलीकाप्टर जगदलपुर में जिला प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
वायुसेना के हेलीकाप्टरों से ही छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त और राज्य के गृह मंत्री ने घटना स्थल का दौरा किया गया है। जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक हेलीकाप्टरों की तैनाती अगले आदेश तक जारी रहेगी।