संसद सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच जारी सियासी संग्राम में सरकार ने कांग्रेस पार्टी पर आतंकवाद सरीखे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सियासत चमकाने का आरोप लगाया है।
गृहमंत्री के बयान पर संसद में हंगामा और याकूब मेनन की फांसी पर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजियों को लेकर सरकार ने सीधे सोनिया गांधी पर निशाना साधा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि संसद में गुरदासपुर हमले की चर्चा को रोककर कांग्रेस पार्टी ने न सिर्फ तुच्छ राजनीति का परिचय दिया है। बल्कि ऐसा करके कांग्रेस ने देश को आतंकवाद पर ‘बंटा हुआ’ दिखाया है।
जेटली ने कहा रुख स्पष्ट करे कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी के इस रवैये के लिए जेटली ने सोनिया गांधी से पार्टी का रूख स्पष्ट करने को कहा है। जेटली ने कहा है कि विपक्षी पार्टी केवल राजनीति के चलते संसद में गुरदासपुर हमले की चर्चा को रोक रही है।
याकूब मेमन की फांसी पर कांग्रेस नेताओं के विरोधाभासी बयानों को लेकर पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए जेटली ने कहा कि यह चिंता का कारण है । ऐसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी याकूब की मौत की सजा को बरकरार रखा था। आतंकवाद पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बयान के दौरान कांग्रेस के जरिए किए गए हंगामें को गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर तुच्छ राजनीति को देश स्वीकार नहीं करेगा।
जिम्मेदार तरीके से दें प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री ने कहा कि जब गुरदासपुर हमले के सीमा पार से होने के साक्ष्य
भी बहुत ठोस हैं। ऐसे में विपक्ष का नकारात्मक रवैया राष्ट्र की सुरक्षा
के मुकाबले उसकी राजनीति को तरजीह देने की मानसिकता दर्शाता है।
उन्होंने
कहा कि मुख्यधारा की राष्ट्रीय पार्टियों से उम्मीद की जाती है कि वह
जिम्मेदार तरीके से प्रतिक्रिया दें न कि बंटे हुए घर की तरह दिखाई दें।
जेटली ने कहा कि कम से कम राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सभी पार्टियों
को एक सुर में बोलना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस एक बार फिर
अपने नकारात्मक और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार की समीक्षा करेगी। संसद में
जीएसटी बिल पारित कराए जाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह बिल देश
के विकास से जुड़ा हुआ है। और इसकी पटकथा खुद कांग्रेस पार्टी ने लिखी थी।
मगर वह बिल के पारित होने में रोड़ा अटका रही है।