जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे खंडित जनादेश के रूप में सामने आए हैं और सरकार के गठन पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने की संभावना के बीच सबकी निगाहें दिल्ली में मोदी-शाह की जोड़ी और कश्मीर घाटी में मुफ्ती परिवार पर हैं।
जम्मू कश्मीर भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है और बहुमत पाने के मिशन में नाकाम रही भाजपा राज्य में अस्थिरता के हालात पैदा करने का जोखिम नहीं उठा सकती।
नतीजों पर नजर डालें तो भाजपा ने जम्मू में बेहतर प्रदर्शन किया है जबकि पीडीपी घाटी में अपनी ताकत दिखाने में कामयाब रही। दोनों दलों को इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा।
राज्य में भाजपा सरकार बनाने में क्या भूमिका निभाएगी इसका आखिरी फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को लेना है। वहीं मुफ्ती परिवार भी तमाम विकल्पों पर गौर करते हुए स्थितियों को भांपने की नीति अपना रहा है।