आत्महत्या की कोशिश को अब अपराध नहीं माना जाएगा। विधि आयोग की सिफारिश पर मोदी सरकार ने इसे खत्म करने का फैसला किया है।
सेक्शन 309 को इंडियन पैनल कोड से हटा दिया जाएगा जिसके लिए अभी तक एक साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान था।
लोकसभा में सरकार की ओर से कहा गया कि 18 राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश इसके पक्ष में हैं। गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि राज्यों की राय पर केंद्र सरकार ने इस धारा को आईपीसी से हटाने का फैसला किया है।
अगस्त में गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजु ने कहा था कि," विधि आयोग ने अपनी 210वीं रिपोर्ट में कहा था कि आत्महत्या की कोशिश को मानवीय आधार पर विचार करने और इसके अपराध की श्रेणी से बाहर रखने की जरूरत है।"