राजधानी दिल्ली में एक ऐसा मामला आया है जिसमें पुलिस ने गूगल सर्च की मदद से इंटरनेट के जरिए ठगी करने वाले लोगों के एक समूह का पर्दाफाश किया है।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अभियुक्त ललित मेहरोत्रा का नाम जब गूगल पर सर्च किया तो उसका सोशल नेटवर्किंग प्रोफाइल सामने आया। ललित मेहरोत्रा ने अपने प्रोफाइल पर एक बाइक बेचने का विज्ञापन दिया था। इस विज्ञापन में उसने अपना मोबाइल नंबर भी दिया था। इस नंबर की जांच करने पर पुलिस को कुछ सदिंग्ध कॉल किए जाने की जानकारी मिली।
टीएनएन के मुताबिक इसके बाद ललित मेहरोत्रा की पहचान की पुष्टि के लिए एक फर्जी कस्टमर बनाकर उसके पास भेजा। जैसे ही ललित मेहरोत्रा की पहचान हो गई। उसे पुलिस ने 8 अगस्त को अपनी गिरफ्त में ले लिया था।
इंटरनेट बैकिंग के जरिए सैलरी एकाउंट से 19 लाख रुपए गायब करने के मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक ललित मेहरोत्रा समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को ठगों ने बताया कि एटीएम के अंदर लोग पैसे निकालने के बाद अपनी रसीद को ऐसे ही फेंक देते थे। ठग एटीएम के अंदर कूड़ेदान से रसीद निकालकर कस्टमर के बैंक एकाउंट की जानकारी इकट्ठा करते थे।
साथ ही सांठगांठ करके कस्टमर का मोबाइल सिम ब्लॉक कराकर उस पर डुप्लीकेट सिम भी लेते थे।