दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये को बेहद अड़ियल करार दिया है।
साथ ही शीर्ष अदालत ने दुर्गा शक्ति की तारीफ करते हुए उन्हें बेचारा भी बताया है।
यह टिप्पणी अदालत ने टूजी मामले की सुनवाई के दौरान की।
जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस केएस राधाकृष्णन की पीठ ने कहा, ‘बेचारी अधिकारी, उसने अब तक एक शब्द भी नहीं बोला है और सरकार इतनी ज्यादा जिद्दी बन गई है कि वह कुछ सुनेगी ही नहीं।’
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कोर्ट केसों की मीडिया रिपोर्टिंग पर नाराजगी जाहिर करने के दौरान अवैध बालू खनन और गौतम बुद्ध नगर की एसडीएम रहीं दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन का मामला भी कोर्ट में उठा।
पीठ ने कहा कि मीडिया पूरी तरह से अलग ही प्रभाव पैदा कर रहा है। टूजी मामले में पेश हुए सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा कि दुर्गा शक्ति का व्यवहार प्रशंसनीय है। उन्होंने काफी परिपक्वता दिखाई है।