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शहादत किसी की, श्रद्धांजलि किसी और को

Fri, 15 Mar 2013 11:28 PM IST
मांड्या (कर्नाटक)/एजेंसी
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देश के लिए अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों की शहादत के प्रति हमारा प्रशासन और सरकार कितनी संवेदनहीन है, इसका सुबूत बंगलूरू के मांड्या में देखने को मिला।
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श्रीनगर में हुए आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवान एन सतीश का शुक्रवार को यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

हालांकि अंतिम संस्कार से पहले श्रद्धांजलि समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं। दरअसल जिस तस्वीर के आगे वीवीआईपी और आम जनता श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे, वह जवान सतीश की न होकर उनके भाई की थी।

चूक उजागर होने के बाद प्रशासन और रिश्तेदार एक दूसरे पर इस चूक का ठीकरा फोड़ रहे हैं। बुधवार को श्रीनगर में आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान के शव को मांड्या के डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय के अहाते में लोगों के दर्शनार्थ रखा गया था।
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श्रद्धांजलि समारोह के दौरान शहीद एन सतीश की जगह उनके भाई की तस्वीर लगी हुई थी। सतीश का भाई भी सीआरपीएफ में हैं और मध्य प्रदेश में तैनात है। सतीश की जगह उसके भाई की तस्वीर देखकर जवान के अंकल आनंद और अन्य रिश्तेदारों ने इस पर विरोध जताया।

हालांकि मांड्या के डिप्टी कमिश्नर बीएन कृष्णैया का कहना है कि तस्वीर सतीश के परिवार ने ही उपलब्ध कराई थी और इसमें जिला प्रशासन की कोई चूक नहीं है। इसके पहले भी संवेदनहीनता का एक और वाकया देखने को मिला जब शहीद सतीश के शव को बंगलूरू से मांड्या लाया गया।
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एक निजी अस्पताल ने शहीद सतीश के शव को तीन घंटे के लिए अपने कोल्ड स्टोरेज में रहने से साफ मना कर दिया। इस घटना पर प्रदेश सरकार के मंत्री ए रामदौस ने कहा कि अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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