चलती बस में दरिंदगी की शिकार युवती की मौत पर देशभर में आक्रोश और संवेदनाओं के उबाल ने नए साल के मौके पर सत्ता तंत्र ही नहीं पूरी राजनीतिक बिरादरी को झकझोर दिया है।
इसे संवेदना कहें या फिर विवशता, मगर सच यही है कि देश की समूची राजनीतिक बिरादरी ने दुख की इस घड़ी में नए साल का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लेकर कई राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों ने भी अपने नए साल के कार्यक्रम रद्द कर दिए।
कांग्रेस और भाजपा ही नहीं, सेना के तीनों अंगों के लाखों सैनिकों के साथ बॉलीवुड की हस्तियां भी आम आदमी के साथ इस देशव्यापी शोक में शरीक रहीं। आजादी के बाद भारत के इतिहास में शायद यह पहली बार होगा कि एक आम शख्स की मौत पर देश में लगभग राष्ट्रीय शोक जैसा माहौल है।
अमूमन किसी बड़े शासकीय पद पर रहे राजनेता या फिर बड़ी हस्ती के निधन पर ही देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाता है। देश की बिटिया की मौत पर भले ही राष्ट्रीय शोक का ऐलान न हुआ हो। मगर सड़क से लेकर सत्ता सिंहासन तक इस मौत की वेदना इतनी गहरी है कि हालात राष्ट्रीय शोक जैसे ही लगते हैं।
युवती से दरिंदगी की जैसी इंतहा की गई उसने हमारी सीमाओं की रक्षा में तैनात सैनिकों की रूह भी झकझोर दी हैं। इस दुख का इजहार करने के लिए थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने भी नए साल के मौके पर किसी तरह का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार सेना की सभी इकाइयों को कह दिया गया है कि नए साल पर कोई पार्टी आयोजित नहीं की जाए। दक्षिण पूर्व रेलवे और पूर्व रेलवे ने भी नए साल के जश्न रद्द कर दिए।
घटना से आहत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नए साल के जश्न के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की है कि वे उन्हें बधाई देने नहीं आएं। वहीं, कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी इस बार नए साल का जश्न नहीं मनाएंगी। इस मौके पर वे न तो किसी को बधाई देंगी और न ही स्वीकार करेंगी।
उधर, प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने भी जश्न नहीं मनाने का फैसला किया है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि देश में शोक की घड़ी है। पार्टी किसी तरह का जश्न नहीं मनाएगी।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी ऐसा ही फैसला किया है। मीरा कुमार की अगुवाई में संसद भवन परिसर में सोमवार को एक शोक कार्यक्रम भी किया गया। चूंकि युवती की कोई तस्वीर अभी तक उपलब्ध नहीं है। इसलिए एक जलते दीपक को उसका प्रतीक मानकर मीरा कुमार समेत लोकसभा सचिवालय की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की गई। उधर, बॉलीवुड भी शोक में शरीक है।
बच्चन परिवार समेत कई दिग्गज हस्तियों ने इस बार नए साल का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया है। आमतौर पर नए साल का जश्न फिल्मी हस्तियां बेहद धूमधाम से मनाती हैं। मगर इस बार बॉलीवुड जगत ने शोक में शामिल होकर एक मिसाल पेश की है।
दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड की सरकार देंगी मदद
दिल्ली सरकार ने गैंगरेप की शिकार युवती की मौत के बाद उसके परिजनों को 15 लाख रुपये की मदद देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। यूपी सरकार भी युवती के परिवार को 20 लाख रुपये की मदद देगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह घोषणा की। उत्तराखंड सरकार पांच लाख रुपये की सहायता राशि उसके परिजनों को देगी।