आगरा में धर्म परिवर्तन के मु्द्दे पर संसद में जारी हंगामे की आंच अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि भाजपा नेता द्वारा नाथूराम गोडसे के महिमामंडन ने एक नए विवाद को हवा दे दी है। भाजपा नेता साक्षी महराज ने नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त बताया था। महाराष्ट्र में नाथूराम गोडसे के नाम पर एक संगठन द्वारा शौर्य दिवस मनाए जाने की घटना पर कांग्रेस ने सरकार को जमकर कोसा और कहा कि जो राष्ट्रपिता का हत्यारा है उसके नाम पर शौर्य दिवस मनाए जाने का क्या मतलब होता है।
कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि गोडसे के नाम पर शौर्य दिवस मनाया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अंहिसा के नाम पर एक मिशाल पेश की थी। दलवी ने कहा कि भाजपा वाले महात्मा गांधी का नाम लेकर काम करते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में शौर्य दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मसले पर जांच की मांग करूंगा।
गौरतलब है कि नाथूराम गोड़से ने 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। महात्मा गांधी की हत्या करने के लिए गोडसे को 15 नवंबर 1949 फांसी के तख्त पर लटका दिया गया था।