ग्लोबल वर्मिंग के खतरों को लेकर किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि समुद्र के तापमान में यदि कुछ और डिग्री का इजाफा हुआ तो धरती पर तबाही मच सकती है। ऐसा होने पर धरती पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है जिससे बड़े पैमाने पर जानवरों और इंसानों की मौत संभव है।
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीसेस्टर के शोधार्थियों की मानें तो ग्लोबल वार्मिंग से ऑक्सीजन में संभावित कमी धरती पर जीवन के लिए बड़ा खतरा होगी। यह धरती पर बाढ़ से मचने वाली तबाही से कहीं अधिक भयानक होगी।
यदि इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो 2100 तक वैश्विक समुद्र के तापमान में लगभग छह डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है। इससे समुद्र के फाइटोप्लैंकटॉन पर घातक असर होगा जिससे ऑक्सीजन का उत्सर्जन बंद हो सकता है।