नरेंद्र मोदी सरकार के पहले पूर्ण रेल बजट में आपके मन की मुरादें भी पूरी हो सकती हैं। रेल मंत्रालय आम लोगों की राय को बजट में शामिल करना चाहता है। कोई भी व्यक्ति नई ट्रेन, पुरानी के विस्तार, स्टेशनों के विकास, रेलमार्गों के विद्युतीकरण, नई रेल लाइन, रेलमार्गों के दोहरीकरण, कारखानों के निर्माण, सुविधाओं में विकास जैसी अपनी इच्छा रेल मंत्री तक पहुंचा सकता है।
रेलवे ने इसके लिए इंडियन रेलवे वेबसाइट पर रेल बजट-2015 के लिए सुझाव का कालम दिया है। यह पहला मौका है कि जबकि रेलवे ने बजट के पहले आम लोगों की राय लेने का फैसला किया है। उम्मीद है कि जिन सुविधाओं के लिए ज्यादा मांग होगी, उसे बजट में शामिल किया जा सकता है।
रेलवे में चर्चा है कि प्रधानमंत्री ने रेल बजट को नया स्वरूप देने को कहा है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि नया रेल बजट सांसदों, मंत्रियों और बोर्ड अफसरों की पसंद के आसपास न रहे। बल्कि, जनता रेल बजट में क्या चाहती है? बजट को मांग आधारित बनाया जाए। पिछले दिनों रेल मंत्रालय ने सभी जोनों से इसी कड़ी में पूछा था कि सांसदों ने नई ट्रेन चलाने, पुरानी ट्रेनों के विस्तार, फेरा बढ़ाने, स्टेशनों के विकास व उच्चीकरण, दोहरीकरण, नई रेल लाइनों के निर्माण, रेलमार्गों के विद्युतीकरण को लेकर लिखे हैं या नहीं। उनके विवरण भी मंत्रालय ने मंगाए। अब मंत्रालय ने आम लोगों से रेल बजट को लेकर फीडबैक मांगा है।