यूपी में बरेली के रामपुर गार्डन स्थित निजी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर बीटीसी की तैयारी कर रही छात्रा ने शनिवार सुबह लाल फाटक पर किसी से फोन पर बात करते हुए ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
छात्रा को ट्रेन के आगे कूदते देख लोगों ने आवाज लगाकर उसे रोकने की भी कोशिश की थी, लेकिन छात्रा ने किसी की न सुनी। पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों ने शव का सिटी श्मशान घाट पर ही अंतिम संस्कार कर दिया।
खुदकुशी करने वाली 17 वर्षीय साक्षी उझानी (बदायूं) के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी के रहने वाले कपड़ा व्यापारी राजीव बब्बर की बेटी थी। साक्षी पिछले पांच महीने से यहां हॉस्टल में रहकर अयूब खां चौराहा स्थित एक कोचिंग सेंटर में ट्यूशन ले रही थी।
शनिवार सुबह पौने दस बजे साक्षी टेंपो से बदायूं रोड स्थित लाल फाटक पर पहुंची और किसी से फोन पर बात करते हुए वह 9:55 बजे फरीदपुर की ओर से आ रही डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के आगे कूद गई, मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
मोबाइल से उसकी शिनाख्त हुई और सूचना पर परिवार वाले पहुंचे। भाई प्रिंस ने बताया कि साक्षी ने इसी साल बीए पास करने के बाद बीटीसी की तैयारी कर रही थी। साक्षी ने लेखपाल भर्ती परीक्षा का आवेदन भी किया था, सोमवार को परीक्षा देने के लिए वह बदायूं जा रही थी।
फोन की कॉल हिस्ट्री की डिलीट
प्रिंस ने बताया कि साक्षी घर आने के बाबत फोन पर मां गीता से बात कर रही थी, इसी दौरान लाल फाटक क्रासिंग पार करते समय वह अचानक ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। उसके पिता जेल में बंद आसाराम के भक्त हैं।
जीआरपी के दरोगा नवनीत ने बताया कि छात्रा के मोबाइल में डायल्ड, रिसीव्ड और मिस्ड कॉल का विवरण डिलीट था। सिर्फ वही नंबर मिला, जिस पर अंतिम समय बात कर रही थी।
उसके फोन की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। दरोगा ने बताया कि फिलहाल प्रथम द्ष्ट्या जांच में इतना ही पता चला कि छात्रा ने खुदकुशी की है, वजह आगे की जांच के बाद ही पता चल पाएगी।
बेटी की मौत से पिता हुआ बदहवास
कपड़ा व्यापारी राजीव कारोबार के सिलसिले में दिल्ली गए हुए थे। सुबह के समय जब उन्हें बेटी की ट्रेन कटकर मौत होने की सूचना मिली तो वह तुरंत वहां से चल दिए और देर शाम घर पहुंचे।
बदहवास पिता ने कहा कि उनकी इकलौती बेटी होनहार थी, उसकी मौत के बाद उनका दिमाग कुछ काम नहीं कर रहा कि वे क्या करें।
जिस नंबर पर बात कर रही थी वह हुआ स्विच ऑफ
दरोगा नवनीत ने देर रात बताया कि छात्रा ने जिस नंबर पर आखिरी बार बात की, वह बरेली के ही किसी व्यक्ति का है और हादसे के बाद से मिलाने पर स्विच ऑफ का ही टेप सुनने को मिल रहा है। इस नंबर के बारे में परिवार वालों को भी बता दिया गया है।