प्रख्यात ठुमरी गायिका पद्मविभूषण गिरिजा देवी रविवार को कोलकाता से वाराणसी पहुंची।
ठुमरी साम्राज्ञी के जीवन के 85 साल पूरे होने की खुशी में वर्ष पर्यंत देश भर में शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम किए जाएंगे। काशी में पांच दिनी संगीत संध्या की शुरुआत छह नवंबर से होगी। पहले दिन उïनके जीवन वृत्त पर तैयार मूवी आईपी माल सिगरा में दिखाई जाएगी।
इस दौरान देश की जानी मानी संगीत हस्तियां अपनी प्रस्तुति देंगी। सात नवंबर की शाम साढ़े सात बजे नागरी नाटक मंडली में गिरिजा देवी की ठुमरी पर प्रख्यात कथक नृत्य गुरु पद्म विभूषण विरजू महाराज नृत्य की तिहाइयों से युगलबंदी करेंगे।
आठ नवंबर की शाम महमूरगंज के रमन निवास में पद्मश्री पं. हरिहरन का गायन होगा। नौ नवंबर को होटल पीकॉक के गार्डेन में पद्मविभूषण अमजद अली खान सरोद वादन करेंगे।
10 नवंबर को गंगा की मध्यधारा पर बजरे पर संगीतमय शाम सजेगी। इस दौरान गिरजा देवी को दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से भगीरथ सम्मान दिया जाएगा। उसी शाम सात बजे शास्त्रीय गायिका किशोरी अमोनकर गायन प्रस्तुत करेंगी। यह कार्यक्रम संगीत परिषद की ओर से किया गया है।