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गुलाम अली का शो रद्द होने पर भड़कीं तसलीमा, जानें क्या कहा

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शिवसेना की धमकी के बाद पाकिस्तान के मशहूर गजल गायक गुलाम अली का इस शुक्रवार को मुंबई में होने वाला कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। पार्टी ने कार्यक्रम होने पर आयोजकों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इस मामले में मुख्यमंत्री का आश्वासन भी काम नहीं आया।
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गुलाम अली का प्रोग्राम रद्द होने से लेखिका तसलीमा नसरीन भड़क गई हैं। उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा- ओह माय गॉड! शिवसेना की धमकी के बाद मुंबई में होने वाला गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है? क्या भारत हिंदु सऊदी अरब बन रहा है?

OMG! Pak Singer Ghulam Ali's Concert in Mumbai Cancelled After Sena Threat? India is becoming Hindu Saudi?— taslima nasreen (@taslimanasreen) October 7, 2015
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तसलीमा ने लिखा- गुलाम अली कोई जेहादी नहीं हैं, वह एक गायक हैं। कृपया जेहादी और गायक में फर्क को पहचानें।

Ghulam Ali is not a jehadi, he is a singer. Please try to differentiate between Jehadis and singers. https://t.co/K1rRz0piEc— taslima nasreen (@taslimanasreen) October 7, 2015

महापौर के बंगले पर हुई बैठक

बुधवार को शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे और कार्यक्रम के आयोजकों के बीच मुंबई के महापौर के बंगले पर बैठक हुई। इसके बाद ही कार्यक्रम नहीं करने की जानकारी दी गई।

इससे पहले पार्टी ने आयोजन का विरोध करते हुए कहा कि जो मुल्क हमारे सैनिकों को मारता है, उसके कलाकारों को हम अपने देश में कार्यक्रम नहीं करने देंगे।

पार्टी की फिल्म इकाई ‘चित्रपट सेना’ के महासचिव अक्षय बद्रापुरकर ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि यदि गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द नहीं होता है, तो हमें मजबूरन उसका विरोध करना पड़ेगा।
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अंजाम भुगतने की चेतावनी

वहीं, शिवसेना के विभाग प्रमुख मंगेश सातमकर ने आयोजकों को चेतावनी दी कि वह इस कार्यक्रम को रद्द कर दें अन्यथा अंजाम अच्छा नहीं होगा। हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक मराठी चैनल से बातचीत के दौरान कहा था कि कला और राजनीति को नहीं मिलाना चाहिए। भारतीय कलाकार भी पाक जाकर प्रस्तुति देते हैं। गुलाम अली को सुरक्षा देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

सूबे के गृह राज्यमंत्री डॉ. रणजीत सिंह पाटिल ने भी कहा था कि यदि आयोजक शिकायत करते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन आश्वासनों के बावजूद आयोजकों को पीछे हटना पड़ा। यह पहला मौका नहीं है, जब शिवसेना ने गुलाम अली का विरोध किया हो। इससे पहले पार्टी ने इस साल जनवरी में भी अहमदाबाद में गजल गायक के कार्यक्रम का विरोध किया था।
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