बीएसएनएल के गाजियाबाद स्थित जोनल ऑफिस में सोमवार को ऐसी खूनी लड़ाई हुई कि कर्मचारी नेता सुकेंद्र पाल सिंह (56) की जान चली गई। आरोप है कि मनमाने ढंग से कर्मचारियों के तबादले, ठेकेदार को गलत बिल भुगतान और यूनियन दफ्तर बदले जाने के विवाद में महाप्रबंधक (जीएम) ने साथियों के साथ मिलकर उन्हें पीट-पीटकर मार दिया।
पुलिस ने जीएम आदि के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। जीएम की ओर से भी मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा का केस दर्ज करवाया गया है। पुलिस के मुताबिक, मसूरी क्षेत्र के गांव काजीपुरा निवासी सुकेंद्र बीएसएनएल में टेलीफोन मैकेनिक थे और वह कर्मचारी इंप्लाइज यूनियन में जिला सचिव पद भी संभाल रहे थे।
यूनियन जिलाध्यक्ष धीरपाल सिंह ने पुलिस को बताया जीएम ने मनमाने तरीके से तमाम कर्मचारियों के तबादले कर डाले थे। एक ठेकेदार को 90 लाख के बिल का गलत तरीके से भुगतान भी करा दिया था। वह यूनियन के दफ्तर को भी बदलना चाह रहे थे। इन बातों का पूरी यूनियन विरोध कर रही थी। जीएम ने दफ्तर हटाने का आदेश देने के लिए सुकेंद्र को शनिवार के दिन अपने दफ्तर में बुलाया था मगर वह सोमवार सुबह करीब पौने 11 बजे उनसे मिलने आए थे।
मृतक के बेटे रोहन ने बताया कि घटना के समय वह पिता से मिलने कार्यालय आया था। उसने देखा कि जीएम आदेश कुमार और उनके साथी उसके पिता को डंडों से पीट रहे हैं। उन लोगों ने मारपीट कर सुकेंद्र को सीढ़ियों से गिरा दिया। घायल सुकेंद्र को तुरंत यशोदा अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने रोहन की ओर से आरोपी जीएम आदेश, सुभाषचंद त्यागी, कर्मवीर नागर, राजेंद्र और श्रीपत लाल कुशवाहा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। एसपी सिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। साथी की हत्या से कर्मचारी गुस्से में हैं।
यूनियन लीडर का दिल खोलेगा राज
गाजियाबाद। सुकेंद्र पाल सिंह के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए दो डॉक्टर मदन लाल और अखिलेश मोहन की टीम का गठन किया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुकेंद्र की पीठ, पैर और दाहिने गाल पर चोट के निशान पाए गए हैं। हालांकि रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस के आग्रह पर फिलहाल जांच के लिए उनका दिल सुरक्षित रख लिया गया है। बाद में इसकी जांच की जा सकती है।