गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उनकी मौत की वजह पर सवाल उठा दिए हैं। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि अनुराधा की मौत दम घुटने से हुई, हालांकि डॉक्टरों ने अंदेशा जताया है कि फांसी के पहले उन्होंने जहरीला पदार्थ खाया था।
मौत के वजहों की अधिक जानकारी के लिए उनका बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। नए खुलासे सवाल उठने लगे हैं कि अनुराधा की मौत के पीछे कोई साजिश तो नहीं है? हालांकि पुलिस ने इस बारे में जानकारी न होने की बात कर कुछ भी बोलने से इनकार किया है।
पुलिस उपायुक्त पहुंचे अनुराधा के घर
रविवार को पुलिस उपायुक्त पी करुणाकरण अनुराधा शर्मा के घर पहुंचे और लगभग आधा घंटा तक परिवार वालों से बातचीत की। हालांकि उपायुक्त ने परिवार वालों का बयान दर्ज करने की बात से इनकार किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने परिवार वालों से यह जानने की कोशिश की कि किन कारणों से अनुराधा शर्मा परेशान थी।
पुलिस उपायुक्त शाम करीब पांच बजे दिनेश शर्मा के घर पहुंचे। उन्होंने दिनेश शर्मा और उनके बेटे अंकित शर्मा से बातचीत की। परिवार के अन्य सदस्य भी उस समय घर में मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस उपायुक्त ने अनुराधा के खुदकुशी के बारे में पूछताछ की। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि वह खुदकुशी से पहले किसी तरह के दबाव में थी या नहीं।
सुसाइड नोट में उसने अपनी बेटी की मौत के लिए गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा था कि उनकी वजह से ही खुदकुशी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जेल में बंद गोपाल कांडा और अरुणा की ओर से किसी ने अनुराधा से संपर्क किया था या नहीं। अनुराधा की फोन कॉल डिटेल में ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है।
डरती थी गीतिका की मां
बेटी गीतिका शर्मा की मौत के बाद से अनुराधा अपने बेटे को घर से बाहर भेजने से भी डरती थी। वह अक्सर बेटे अंकित को कहती थी कि उस पर हमला हो सकता है। इस बात का खुलासा अंकित शर्मा ने किया है। उसका कहना है कि गीतिका की मौत के बाद उसकी मां ने काफी साहस का परिचय दिया था। लेकिन इन दिनों वह काफी डरी हुई थीं। परिवार के लोग इन सब बातों पर मंथन कर रहे हैं।
अंकित ने बताया कि उसकी मां डेढ़ माह से ऑफिस जाना शुरू कर दिया था। जिंदगी पहले की तरह पटरी पर लौट रही थी, लेकिन अचानक उसके खुदकुशी करने से परिवार वालों के मन में भी कई सवाल उठने लगे हैं। उसने बताया कि कई बार उसकी मां और उसके फोन पर अज्ञात लोगों के फोन आए। इन सब की वजह से उन्हें इस बात की आशंका होने लगी थी कि उन पर कभी भी हमला हो सकता है।
खासकर खुदकुशी करने से कुछ दिन पहले उसकी मां काफी डरी-डरी सी रहने लगी थी। उसके घर से बाहर जाते ही अक्सर उसे फोन कर संपर्क में रहती थीं। हालांकि इन सब बातों का विस्तृत ब्योरा वह नहीं दे पाया। अंकित ने बताया कि गीतिका की मौत के बाद वह जितना डरी रहने लगी थी उससे साफ है कि उस पर जबर्दस्त दबाव था।