भाजपा ने भले ही राम मंदिर को भुला दिया हो, लेकिन अब वह रामसेतु और गंगा की निर्मल और अविरल धारा को लेकर अभियान में जुटेगी। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और गंगा तट से जुड़े सभी राज्यों के गांव में गंगा चौकी का निर्माण करेंगे।
यह ऐलान भाजपा राष्ट्रीय परिषद के महाधिवेशन में रविवार को किया गया। पार्टी ने पहले की तरह इस बार अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का जिक्र तक नहीं किया।
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित महाधिवेशन में गंगा अभियान की सूत्रधार उमा भारती ने कहा कि टिहरी में रोकी गई भागीरथी को चंबा से होकर गंगा सागर तक ले जाने के लिए संघर्ष करना होगा। इस बाबत प्रधानमंत्री से भी बातचीत की गई है।
उन्होंने कहा कि जिसे हम गंगा कह रहे है, वह मात्र अलकनंदा की धारा है। जिस भागीरथी को राजा भगीरथ लाए थे उसे टिहरी में ही रोक दिया गया है। गंगा चौकियों के लिए भाजपा 11 सदस्यीय समिति बनाएगी। अप्रैल महीने से संपर्क अभियान शुरू किया जाएगा।
इसके तहत समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को गंगा के लिए चलाए जा रहे भाजपा के अभियान के बारे में बताएंगे। कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे सभागार में उन्होंने कहा कि अब मैं फायर ब्रांड नहीं वाटर ब्रांड हो गई हूं। हालांकि अगर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह चाहे तो मैं पानी में भी आग लगा सकती हूं।
राजनाथ सिंह ने उमा भारती का समर्थन करते हुए कहा कि गंगा अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूखी साबरमती को एक हजार करोड़ में महज नौ वर्ष में शुद्ध पानी दे दिया। इससे अन्य राज्यों को सबक लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यमुना के सफाई अभियान पर 5500 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन अभियान सफल नहीं साबित हो सका।