केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शनिवार को विश्वास जताया कि केंद्र के ‘स्वच्छ गंगा’ अभियान के तहत गंगा नदी की सफाई हो जाएगी और अगले पांच सालों में बिना अवरोध के इसका प्रवाह होने लगेगा।
पत्रकारों से बातचीत में जावडेकर ने कहा कि स्वच्छ गंगा अभियान तेजी से चल रहा है। स्वच्छ गंगा कार्यक्रम के तहत अगले पांच साल में स्थिति बदल जाएगी और गंगा की निर्मल धारा बिना किसी अवरोध के बहने लगेगी।
उन्होंने कहा कि वनीकरण को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण मंत्रालय राज्य सरकारों को 33,000 करोड़ रुपये आवंटित करेगा। सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति के बाद राज्यों को जल्द ही धनराशि दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान के आगामी चरण में भारत की अन्य नदियों की भी सफाई की जाएगा।
जावडेकर ने कहा कि गंगा नदी में प्रदूषण की जांच के क्रम में सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाले 17 उद्योगों और इनकी 3,206 यूनिटों की पहचान की गई है। इन्हें 31 मार्च तक प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों को स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।