मोदी सरकार ने गंगा की सफाई के लिए हाईटेक सेंसरों के जरिए इस योजना पर काम करने की तैयारियां की हैं। इसके तहत आने वाले 6 महीनों में गंगा समेत 700 प्वाइंट्स पर सेंसर लगाए जाएंगे।
2510 किलोमीटर लंबी गंगा को साफ करने में जुटी सरकार का इस दिशा में यह पहला चरण होगा।
ये सेंसर कारखानों के कचरे और प्रदूषकों को अपनेआप नापेगा। और गंगा में पहुंचने वाले प्रदूषकों के बारे में रियल टाइम डेटा अपडेट करेगा। ये रियल टाइम आंकड़े एक सर्वर पर पहुंचेंगे। और इन आंकड़ों का एक तय पैमाने से अधिक होने पर खुद-ब-खुद अलर्ट जारी हो जाएगा।