महात्मा गांधी की पड़पोती ने इस बात से असहमति जताई है कि बापू से जुड़ी जो चीजें देश से बाहर संरक्षित हैं, उन्हें वापस भारत लाया ही जाना चाहिए। तारा गांधी ने यहां रविवार को कहा कि बापू से जुड़ी चीजों का संरक्षण महत्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन अगर देश के बाहर भी उनसे जुड़ा सामान अच्छी तरह संरक्षित है तो उसे वापस लाने की कोई जरूरत नहीं है।
वहीं तारा के पुत्र विनायक ने कहा कि बापू बहुत साधारण तरीके से रहते थे। ऐसे में उनसे जुड़ी इतनी सारी चीजों का एक के बाद एक सामने आना रहस्यमयी बात है। गांधीजी से जुड़े सामान की नीलामी के मुद्दे पर विनायक ने कहा कि अगर कोई गांधीजी से जुड़ी चीजों को हासिल कर खुश होता है तो वह इसके लिए स्वतंत्र है। हम यह जाहिर कर अभिमानी नहीं होना चाहते कि हम सब जानते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर पत्रों को छोड़ दें तो इस बात का साबित करना बेहद मुश्किल है कि किसी सामान का इस्तेमाल वास्तव में गांधीजी करते थे या नहीं। गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रपिता से जुड़ी तारा गांधी की किताब ‘रिफलेक्शन ऑफ एन एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी एरा’ बाजार में आई है।