केंद्रीय भूतल परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि सेतुसमुद्रम शिपिंग चैनल परियोजना को पूरा करने के लिए राम सेतु को ढहाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
परियोजना को पूरा करने के लिए वैकल्पिक मार्ग की खोज की जाएगी। उन्होंने परियोजना को लेकर राम सेतु का हवाई और जलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना परियोजना को पूरा किया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत में गडकरी ने कहा कि सेतुसमुद्रम परियोजना का अध्ययन कर वैकल्पिक मार्ग की खोज का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से पूर्व और पश्चिम तटों के बीच की दूरी कम हो जाएगी।
जहाजों को पूर्व से पश्चिमी तट तक जाने के लिए श्रीलंका के रास्ते से नहीं गुजरना पडे़गा। तमिलनाडु सरकार ने मछुआरों की रोजी-रोटी प्रभावित होने का तर्क देते हुए इस परियोजना का विरोध किया था।
एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद गडकरी ने राम सेतु को नहीं ढहाने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि परियोजना पर खर्च हुई राशि का सदुपयोग करने के लिए वैकल्पिक मार्ग खोजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सामरिक नजरिये से भी परियोजना अहम है। भारत के तटीय क्षेत्र में निगरानी रखने में यह सहायक साबित होगा। साथ ही समुद्री व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।