फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गडकरी ने साफ किया फडनवीस के CM बनने का रास्ता

विज्ञापन
विज्ञापन
महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही उठापटक पर विराम लगाते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिवाली के दिन एक ऐसा बयान दिया जिससे काफी कुछ साफ हो गया है कि वह प्रदेश के नए मुख्यमंत्री नहीं बनने जा रहे।
विज्ञापन


उन्होने कहा, "मैं कभी भी मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल नहीं था। वे महाराष्ट्र की राजनीति में नहीं लौटना चाहते और दिल्ली में अपने कामकाज को लेकर खुश हैं।" गडकरी के इस बयान के बाद देवेंद्र फडनवीस के महाराष्ट्र मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ होता दिखाई दे रहा है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, "देवेंद्र को लेकर मेरे मन को कभी कोई दुर्भाव नहीं था। देवेंद्र के पिता गंगाधर राओ मेरे राजनैतिक गुरू रहे हैं और हमारे बीच बहुत करीबी संबंध हैं।"
विज्ञापन


दिवाली के मौके पर महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष देवेंद्र फडनवीस नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले और उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दी। इस दौरान गडकरी ने कहा कि मीडिया में उनके और फडनवीस को लेकर जो कुछ कहा जा रहा है उससे वे दुखी हुए हैं।
विज्ञापन

क्या है विवाद?

देवेंद्र फडनवीस और नितिन गडकरी दोनों ही नागपुर के हैं। दोनों ही ब्राह्मण हैं और दोनों के बीच के मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं।

बीते साल महाराष्ट्र इकाई का अध्यक्ष बनने के सवाल पर दोनों में मतभेद पैदा हुए थे। उस समय दिग्गज और दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे के समर्थन से फडनवीस को राज्य के संगठन की कमान मिली थी।

इस साल महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद इस विवाद ने और बड़ा रूप ले लिया। भाजपा नेतृत्व देवेंद्र फडनवीस को मुख्यमंत्री बनाने के अपने रुख पर फिलहाल कायम थी, लेकिन गडकरी को नागपुर से मिल रहे जमीनी और संघ के समर्थन ने स्थितियों को काफी उलझा दिया था।

इससे फडनवीस के मुख्यमंत्री बनने के मुद्दे पर प्रश्नचिह्न लगते दिख रहे थे। हालांकि गडकरी की मुहिम से भाजपा नेतृत्व खासा क्षुब्ध था और सुधीर मुनगंटीवार समेत गडकरी समर्थकों को इसका खामियाजा भुगतने की स्थितियां बन रही थीं। बावजूद इसके नागपुर में गडकरी की वर्चस्व की लड़ाई नहीं थम रही थी।

बुधवार को गडकरी की पैरवी के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। माना जा रहा है कि उन्होंने मोदी से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा था।

दरअसल गडकरी समर्थकों को लगता है कि शीर्ष नेतृत्व फडनवीस के बहाने महाराष्ट्र और नागपुर की राजनीति में गडकरी का कद छोटा करना चाहता है। लेकिन इस पूरी उठापठक के बीच नितिन गडकरी ने बयान ने स्थितियां कुछ साफ की जा रही हैं और माना जा रहा है कि अब फडनवीस का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें