अपनी कंपनी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर कांग्रेस के तीखे हमले के जवाब में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। मंगलवार को गडकरी ने अपने बचाव में सरकार को किसी भी एजेंसी से जांच कराने की चुनौती भी दे डाली। भाजपा भी अपने अध्यक्ष के बचाव में उनके साथ खड़ी हो गई है। पार्टी ने गडकरी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए किसी भी तरीके की जांच कराने की उनकी पेशकश का समर्थन किया है।
गडकरी की कंपनी पूर्ति पर लगे आरोपों से गरमाई सियासत पर भाजपा अध्यक्ष का बचाव करते हुए पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने उलटे कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के मामले में दोहरी नीति अपनाने का आरोप जड़ दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस एक तरफ गडकरी की कंपनी की जांच की बात तो करती है और दूसरी तरफ रॉबर्ट वाड्रा और वीरभद्र सिंह पर लगे आरोपों की लीपापोती में लगी है। सीतारमण के मुताबिक भाजपा और कांग्रेस में यही फर्क है कि भाजपा किसी भी एजेंसी से हरेक आरोप की जांच के लिए खुले तौर पर कह रही है। लेकिन कांग्रेस भ्रष्टाचार के उजागर होने के बावजूद संबंधित लोगों को बचाने में लगी है।
खुद भाजपा अध्यक्ष ने नए आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि महाराष्ट्र सरकार में बतौर लोक निर्माण मंत्री रहते हुए निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की बात बेबुनियाद है। इसीलिए वह खुद पर लगे इन आरोपों की किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एंड शूगर लिमिटेड को लेकर मीडिया में आई खबर पर सियासत गर्मा गई है।
खबर में कहा गया है कि इस कंपनी को आइडियल रोड बिल्डर्स नाम की उस कंपनी ने पैसे दिए, जिसे 1995 से 99 तक कई ठेके दिए गए। यह सभी ठेके गडकरी के महाराष्ट्र के पीडब्लूडी मंत्री पद पर रहने के दौरान दिए गए। इसके अलावा पूर्ति के सभी शेयर धारक वह 16 संगठित कंपनियां हैं जिनपर कई सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इन कंपनियों के पते भी फर्जी हैं। इनमें से पांच कंपनियों के पते दरअसल मुंबई की झुग्गी बस्तियों के पते हैं।