भाजपा में अध्यक्ष पद का विवाद अभी भी थमा नहीं है। आरएसएस प्रचारक एमजी वैद्य ने आरोप लगाया है कि नितिन गडकरी भाजपा की अंदरूनी राजनीति का शिकर हुए हैं। अपने ब्लॉग में लिखे आलेख में उन्होंने कहा है कि गडकरी के खिलाफ भाजपा के कुछ नेताओं ने साजिश की, जिसके कारण उन्हें अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा।
वैद्य ने लिखा कि भाजपा के कुछ नेता नहीं चाहते थे कि गडकरी को दोबारा अध्यक्ष बनाया जाए, जिसके चलते उन नेताओं ने सरकार के साथ मिलकर पूर्ति ग्रुप के ऊपर इनकम टैक्स का छापा डलवाने की साजिश रची। उन्होंने पूछा कि आखिर इनकम टैक्स का छापा उसी वक्त ही क्यों पड़ा, जब भाजपा अध्यक्ष पद का चुनाव होने वाला था।
ब्लॉग पर लिखे आलेख के बारे में जब संवाददताओं ने वैद्य से बात की तो उन्होंने कहा कि भाजपा में यशवंत सिन्हा राम जेठमलानी, शत्रुघ्न सिन्हा और महेश जेठमलानी जैसे नेता गडकरी के दोबारा अध्यक्ष बनने के खिलाफ थे।
उन्होंने कहा कि महेश जेठमलानी ने तो पार्टी पर दबाव बनाने के लिए राष्ट्रीय कार्यकारणी से ही इस्तीफा दे दिया, जबकि यशवंत सिन्हा अध्यक्ष पद के चुनाव में गडकरी के खिलाफ खड़े होने की तैयारी करने लगे।
वैद्य ने दावा किया कि यदि भाजपा में अध्यक्ष पद का चुनाव होता तो गडकरी 70 फीसदी से अधिक मतों से जीतते। उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा और राम जेठमलानी जैसे नेताओं ने गडकरी पर दोषसिद्ध होने से पहले इन लोगों ने उन्हें दोषी करार दे दिया।
गौरतलब है कि आरएसएस भी गडकरी ही दोबारा भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में था लेकिन 23 जनवरी को चुनाव से ठीक एक दिन पहले पूर्ति ग्रुप पर हुए आयकर छापों की वजह से गडकरी को अध्यक्ष पद की दौड़ से हटना पड़ा। इसके बाद राजनाथ सिंह भाजपा अध्यक्ष बनाए गए।