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वोटिंग के दौरान मोदी ने दिया संदेश, मचा बवाल

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वाराणसी में मतदान जारी रहने के बीच सोमवार को नरेंद्र मोदी ने यहां की गंगा-जमुनी तहजीब की चर्चा करते हुए वोटरों से अपील की कि वे अपने वोटों के जरिए एकता एवं भाईचारे की भावना प्रदर्शित करें।
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काशी से चुनाव लड़ रहे भाजपा के पीएम पद के प्रत्याशी ने एक वीडियो संदेश में ‘मां गंगा’ का आशीर्वाद मांगा। मतदान वाले दिन मोदी के इस संदेश से सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी ने इस पर विरोध दर्ज कराया।

गंगा-जमुनी तहजीब का क‌िया ज‌िक्र

मोदी ने एक संदेश में कहा, मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे चुनाव के अंतिम चरण में उसी उत्साह एवं भावना से मतदान करें, जो अभी तक उन्होंने दिखाई है। काशी के मेरे भाई-बहनों काशी का सम्मान शांति, भाईचारे एवं एकता में है। इसे ही हम गंगा-जमुनी तहजीब कहते हैं।

यह बात मतदान में भी झलकनी चाहिए। हम सब एक हैं। हम सभी को एक-दूसरे से प्रेम करना चाहिए और सबको साथ लेकर चलना चाहिए।

उन्होंने आगे जोड़ा, पश्चिमी जगत को विश्लेषण करना चाहिए कि क्या कारण है कि करोड़ों लोग इस भीषण गर्मी में इस चुनाव में इतने उत्साह के साथ भागीदारी कर रहे हैं।

'युवा भव‌िष्य के ल‌िए वोट करें'

उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान ‘नकारात्मक प्रचार’ के बावजूद लोगों ने गलत-सही का अंतर समझा और इस तरह अपनी बुद्धिमत्ता दिखाई।

हालांकि, हर किसी की पसंद-नापसंद होती है लेकिन वे अपने देश से प्रेम करते हैं और इसके भविष्य एवं युवाओं के भविष्य के लिए मतदान करते हैं। उन्होंने कहा, ‘..और हम सभी को इस देश के भविष्य के लिए योगदान देना चाहिए।’
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कांग्रेस-आप ने जताई कड़ी नाराजगी

वोटिंग के दौरान मोदी की इस अपील को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इसका संज्ञान लेने की मांग की।

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने ट्विटर पर कहा कि आचार संहिता का उल्लंधन करते हुए मोदी का वीडियो संदेश चैनल कैसे दिखा सकते हैं।

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केसी मित्तल ने इसे काशी के वोटरों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा।

आप ने भी यह वीडियो संदेश दिखाने वाले मीडिया हाउसेज के खिलाफ कार्रवाई न करने पर चुनाव आयोग पर हमला किया। आप ने भी आयोग को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया।
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