जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए ग्रेनेडियर राहुल सिंह और नायक नीरज कुमार राघव का राष्ट्रीय सम्मान के साथ मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इससे पहले गांव देवराला में परिजनों ने नीरज का शव चार घंटे तक नहीं उठने दिया। परिजनों को गुस्सा था कि केंद्र या राज्य सरकार का कोई नुमाइंदा शहीद को अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा।
परिजन चाहते थे कि प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या गृहमंत्री अंतिम यात्रा में शामिल हों। मौके पर पहुंचे गौतमबुद्धनगर से सांसद डा. महेश शर्मा का लोगों ने घेराव कर लिया। सांसद ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से परिजनों की बात कराई।
इसके बाद ही शहीद नीरज की अंतिम यात्रा निकल सकी। शहीद राहुल को गांव बहांपुर और नीरज को देवराला में सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी।
उधर, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीदों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है जबकि सेना की ओर से मेजर ओमकार ने परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही।
साथ ही बच्चों की शिक्षा समेत अन्य सरकारी मदद दिलाने का भरोसा भी दिया। अंतिम यात्रा में रालोद महासचिव जयंत चौधरी के अलावा बसपा और कांग्रेस के नेता तो पहुंचे मगर सपा का कोई नेता वहां नहीं पहुंचा।