पंजाब में आतंकवाद और कट्टरवादी ताकतों की बढ़ती सुगबुगाहट से केंद्र चिंतित है। पंजाब के बदलते हालात पर खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के बाद सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को दिल्ली तलब किया गया। नार्थ ब्लाक स्थित गृह मंत्रालय में इस बाबत हुई उच्चस्तरीय बैठक में बादल को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया।
सूत्रों के मुताबिक यह मुद्दा फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सौंपे जाने लायक नहीं है। मगर कई मायनों को देखते हुए राजनीतिक स्तर पर बातचीत और पहल जरूरी हो गई है। राज्य में इस बदलते हालात के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी अवगत कराया गया है।
बैठक के बाद मंत्रालय के बाहर बादल ने मीडिया के बातचीत में कहा कि पंजाब आतंकवाद के मामले में केंद्र काफी सचेत है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक विदेशों में बैठे खालिस्तान समर्थक लोगों द्वारा कट्टरपंथियों को उकसाने के कई मामले संज्ञान में आए हैं।
पिछले दिनों शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए आतंकवादियों के मेमोरियल को हरी झंडी देना इनमें से एक है। सूत्रों ने बताया कि समय आ गया है कि मुख्यमंत्री बादल कड़े फैसले लें। राज्य में राजनीतिक पहल की जरूरत पर जोर देने के साथ केंद्र ने उन देशों को भी आगाह किया है जहां खालिस्तान समर्थक नेतृत्व ने शरण ले रखी है।
यह सुखद बात है कि कनाडा और इंग्लैंड जैसे देशों ने इस मामले में पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया है। खुफिया एजेंसी की मानें तो पाकिस्तान पंजाब में आतंकवाद की फसल को फिर से हरा भरा करने की पूरी कोशिश में है। इंटरनेट के जरिए कट्टरवादी सोच फैलाने की शुरुआत की जा चुकी है जो अपने आप में काफी गंभीर मसला है।
केंद्र का मानना है कि बादल नरमपंथी नेता हैं और वह कट्टरवाद के खिलाफ गंभीर कदम उठाएंगे। साथ ही राज्य के पुलिस महानिदेशक सुमेध सैनी को आतंकवाद के निबटने का पुराना तजुर्बा है और वहां की पुलिस किसी भी हालात से निबटने में सक्षम है।