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FTII में 'युधिष्ठिर' के विरोध में छात्रों के साथ उतरे फिल्म अभिनेता

Fri, 10 Jul 2015 09:25 AM IST
एजेंसी/पुणे/नई दिल्ली
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भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के आंदोलनरत विद्यार्थियों की लड़ाई अदालत तक जा सकती है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संस्थान के छात्र संगठन एफएसए ने केंद्र की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलता देख मामले को लेकर कोर्ट जाने का इशारा किया है।
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दूसरी ओर वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन भी विद्यार्थियों के समर्थन में खड़े हो गए। संस्थान के विद्यार्थी चेयरमैन पद पर गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के खिलाफ 12 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

मामले को सुलझाने के लिए तीन जुलाई को नई दिल्ली में सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा छात्रों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन इसमें कोई हल नहीं निकल सका। (फाईल फोटो)
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अनुपम खेर ने की छात्रों के विचार की वकालत

अब एफएसए के प्रतिनिधि राकेश शुक्ला ने कहा है कि उनके पास न्यायपालिका का भी विकल्प उपलब्ध है। हालांकि वे वार्ता के जरिए समाधान को प्राथमिकता देंगे। संगठन की मांग है कि बाल फिल्म सोसाइटी के प्रमुख मुकेश खन्ना माफी मांगें। खन्ना ने एक बयान में कहा था कि यदि छात्रों को सरकार का चयन पसंद नहीं है तो वे संस्थान छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं।

वहीं अनुपम खेर ने छात्रों के समर्थन में कहा है कि एफटीआईआई कला के एक निश्चित रूप का प्रतिनिधित्व करता है। संस्थान को चौहान से अधिक योग्य शख्स की जरूरत है। खेर ने संस्थान को स्वायत्त निकाय में बदलने के विचार की वकालत करते हुए छात्रों से कक्षाओं में जाने की अपील की।

गोपालकृष्णन ने विवाद को शांत करने के लिए गजेंद्र चौहान से खुद ही पद छोड़ देने का अनुरोध किया है। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यदि सरकार ने कोई गलत चुनाव किया है तो उसे सही करना भी उनका ही काम है।
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यूट्यूब पर नवाजुद्दीन के समर्थन का वीडियो

संस्थान के छात्रों ने यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दकी उनका पक्ष लेते नजर आ रहे हैं। नवाजुद्दीन ने चेयरमैन पद पर संस्थान के ही किसी पूर्व छात्र की नियुक्ति का सुझाव दिया है।

अभिनेता के अनुसार संस्थान से पढ़ कर निकलने वालों को जमीनी हकीकत का पता होता है। उन्होंने राजनीतिज्ञों के दखल को निराशाजनक बताया है। कहा कि यह एक रचनात्मक संस्थान है। यहां इतना अधिक राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए।

देखें विडियोः

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