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मैगी तो गई, क्या इन लजीज चीजों को छोड़ पाएंगे आप?

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मैगी पर प्रतिबंध के एक दिन बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने शनिवार को कहा कि वह खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न ब्रांड के इंस्टेंट नूडल्स नमूनों का परीक्षण करेगा।
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एफएसएसएआई ने कहा कि वह ब्रांडेड पास्ता और मैकरोनी के उत्पादों की भी जांच करेगा। प्राधिकरण ने यह भी कहा कि वह फिलहाल ब्रांड एंबेसडरों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने पर विचार नहीं कर रहा है।

एफएसएसएआई के सीईओ युद्धवीर सिंह मलिक ने कहा, ‘हम दूसरे सभी इंस्टेंट नूडल्स ब्रांड की भी जांच करेंगे। सिर्फ एक ही ब्रांड पर पाबंदी क्यों लगाई जाए। हम दूसरे नूडल्स ब्रांडों के नमूने भी ले रहे हैं।’ हालांकि, उन्होंने दूसरे ब्रांड का नाम नहीं बताया। वैसे लोकप्रिय ब्रांडों में आईटीसी का सनफीस्ट यिप्पी, एचयूएल का नोर, निसिन फूड्स का टॉप रेमेन और नेपाल के चौधरी समूह का वाई वाई आदि शामिल हैं।
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गैरमंजूरी वाले ब्रांडों पर होगी कार्रवाई

मलिक ने कहा, ‘सोमवार को हम इंस्टेंट नूडल्स, मैकरोनी तथा पास्ता के सभी ब्रांडों को प्रकाशित करेंगे जिन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एफएसएसएआई से मंजूरी ली है। परीक्षण के लिये इन ब्रांडों के नमूनों को लिया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘जिन ब्रांडों या उत्पादों ने मंजूरी नहीं ली है, वे अवैध हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।’

उधर, कर्नाटक सरकार नूडल्स बनाने वाली दूसरी कंपनियों की भी जांच करा रही है। राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा मानकों के आधार पर उत्पादों का परीक्षण करने को कहा गया है। वहीं एक दिन पहले मैगी को क्लीनचिट देने वाले महाराष्ट्र में खाद्य एवं ड्रग मंत्रालय ने मैगी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

शुक्रवार रात पुणे की एक लैब में टेस्ट किए गए मैगी के छह सैंपलों में से तीन के नमूनों में लेड की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। अरुणाचल प्रदेश में खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने सभी वितरकों, होलसेल और खुदरा विक्रेताओं से मैगी के नौ उत्पादों को तुरंत वापस लेने को कहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा है कि अगर किसी भी नूडल्स के ब्रांड में खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत कोई भी कमी पाई गई तो संबंधित कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मिजोरम सरकार ने भी मैगी के आयात और बिक्री पर रोक लगा दी है।
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