दिल्ली में सब्जियां फलों से ज्यादा महंगी बिक रही हैं। एक किलो सेब जहां 60 रुपये में मिल रहा है, वहीं प्याज 80 रुपये के करीब पहुंच गया है।
प्याज की कीमत में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी पिछले 15 दिन से बरकरार है। खास बात चुनावी साल में सब्जी बेच रही सरकार का भी कीमत पर जोर नहीं है।
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सरकारी स्टॉल पर भी चार दिनों में प्याज की कीमत 35 रुपये से बढ़कर 45 रुपये पहुंच गई है। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी मौसम का हवाला देकर इससे किनारा कर लिया है।
सोमवार को मंडिया में सेब, पपीता, मोसम्मी, केला समेत दूसरे कई फलों की कीमतें 50 रुपये से नीचे रहीं, तो प्याज इससे ऊपर बिका। स्थानीय बाजारों में इसकी कीमत 80 रुपये तक रही।
मंडी प्रशासन इसकी वजह नासिक और राजस्थान से आवक कम होने की बात कर रहा है।
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एक अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में नासिक का थोक भाव 40 फीसदी बढ़ा है। इसका असर राजधानी में भी पड़ रहा है। मंडी में सोमवार को प्याज की थोक कीमत 50 के आसपास रही।
कारोबारी हरवीर के मुताबिक, आने वाले दिनों में कीमत थमने की उम्मीद कम है। संभव है कि महीने के आखिर तक नई फसल आने से कीमतों पर रोक लगे।