पहली दिसंबर से ट्रेन के स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी आईडी प्रूफ साथ रखना अनिवार्य होगा। रेलवे ने यह फैसला दलालों पर अंकुश लगाने के मद्देनजर किया है।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को पहली दिसंबर से अगर किसी यात्रा से आईडी प्रूफ दिखाने को कहा जाता है और वह ऐसा करने में असफल रहता है तो उसे बिना टिकट माना जाएगा तथा उसी के अनुसार उस यात्रा से पैसा वसूला जाएगा। यह नियम स्लीपर क्लास के सभी तरह के टिकटों (रेलवे के कंप्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र अथवा इंटरनेट) पर लागू होगा।
अधिकारी ने बताया कि दलाल पहले से किसी भी नाम से टिकट कटा कर रख लेते हैं और बाद में उसे मिलते जुलते उम्र के लोगों को बेंच देते हैं। इस गोरखधंधे पर रोक लगाने के लिए भी आईडी प्रूफ अनिवार्य किया गया है। इससे पहले इस साल फरवरी में एसी श्रेणी के यात्रियों के लिए आईडी प्रूफ अनिवार्य किया गया था।
अधिकारी ने बताया कि यात्री ट्रेन में वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी सीरियल नंबर वाले फोटो आई कार्ड, पंजीकृत स्कूल-कॉलेज द्वारा जारी फोटो युक्त स्टूडेंट आई कार्ड, आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत बैंक के पासबुक और बैंकों द्वारा जारी लेमिनेटेड फोटो युक्त क्रेडिट कार्ड दिखा सकते हैं।