जनता दल यू के अलग होने के बाद एनडीए तीन दलों का गठबंधन रह गया है।
इस पर सवाल करते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को एकता बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा है कि गठबंधन के दोस्तों को संभाल कर रखना होगा।
ठाकरे ने कहा कि दोस्त पेड़ों की तरह नहीं उगते हैं। गठबंधन में दोस्तों की संख्या कैसे बढ़ेगी इस पर भाजपा को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
अपनी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में ठाकरे ने कहा कि एक बार दोस्ती होने पर हमें उनके साथ संबंध बनाए रखने होंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में एनडीए में भाजपा, शिवसेना और अकाली दल ही रह गए हैं।
भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी दल शिवसेना के नेता ठाकरे ने कहा कि अकाली दल के पास कभी भी चार पांच से अधिक सांसद नहीं रहे। हमें अपने गठबंधन पर ध्यान देना होगा। अन्य दलों को साथ लाना होगा।
एक समय था जब एनडीए में 25 से 30 दल थे। लेकिन आज बहुत कम दल रह गए हैं। पहले तो आडवाणी का आवास भी गठबंधन दलों की बैठक के लिए छोटा रह जाता था लेकिन आज महज तीन चार टेबलों में ही बैठक हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शरद यादव के जाने के बाद खाली पड़े एनडीए के संयोजक पद की पेशकश ठाकरे को की गई है।
ठाकने ने कहा कि पद तो खाली है लेकिन संयोजक के पास कामकाज नहीं है। सिवाय दो तीन दलों को चाय पर बुलाने के अलावा।