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बनारस और मोदी थे संदिग्ध आतंकियों के निशाने पर

Mon, 24 Mar 2014 06:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली, वाराणसी
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इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संदिग्ध आतंकी जिया-उर-रहमान उर्फ वकास को गिरफ्तार कर आम चुनावों में हमले की बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने वकास और उसके तीन साथी आतंकियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है।
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पुलिस को अंदेशा है कि इन संदिग्ध आतंकियों के निशाने पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी थे। आतंकी वाराणसी में मोदी की सभा में गड़बड़ी पैदा करना चाहते थे। धमाकों के लिए इनहोंने ने वाराणसी के घाटों की रेकी भी की थी।

पाक नागरिक वकास आईएम के गिरफ्तार हो चुके सरगना यासीन भटकल का बेहद करीबी है। वह दिल्ली के जामा मस्जिद, वाराणसी के शीतला घाट, मुंबई के ओपेरा हाउस व झावेरी बाजार, हैदराबाद और पुणे में हुए सीरियल बम धमाकों में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर एनआईए ने 10 लाख रुपये का इनाम रखा था।
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भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने वकास को शनिवार सुबह अजमेर के रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर आईएम के राजस्थान मॉड्यूल के तीन और आतंकियों को दबोचा गया। इनमें मोहम्मद मारूफ (21) और मोहम्मद वकार अजहर उर्फ हनीफ (21) को जयपुर से, जबकि शाकिब अंसारी उर्फ खालिद (25) को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। इन तीनों के घरों से भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की गई।

वहीं, पुलिस ने रविवार तड़के दिल्ली के जामिया नगर से भी दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्थान पुलिस के साथ हुए ज्वाइंट ऑपरेशन में आतंकियों के पास से करीब 100 किलो विस्फोटक, टाइमर, डेटोनेटर व भारी मात्रा में बम बनाने के सामान के अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप और साहित्य बरामद किया गया है।

पुलिस को आशंका है कि पाकिस्तान में बैठे आईएम के आकाओं के आदेश पर ये आतंकी भारत में चुनाव के दौरान विस्फोट करने की फिराक में थे। वकास को दिल्ली लाकर विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। वकास के पास से पुलिस ने एक फोन बरामद किया है।

वाराणसी के घाटों की रेकी

सूत्रों ने बताया कि वकास के कहने पर उसके साथी तहसीन उर्फ मोनू ने अपनी टीम के साथ वाराणसी के घाटों की भी रेकी की थी। पिछले साल 3 अक्तूबर की शाम प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अफसरों को सावधान किया था कि आतंकी तहसीन टूरिस्ट गाइड बनकर शहर में रेकी कर चुका है।

लेकिन खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के चलते आतंकी यहां अपने मंसूबे को अंजाम नहीं दे सके। लेकिन इससे पहले वे पटना की रैली के दौरान सीरियल ब्लास्ट कराने में कामयाब हो गए। तहसीन पर भी दस लाख का इनाम है। खुफिया एजेंसियों का यह भी मानना है कि आतंकी वाराणसी में भाजपा नेता नरेंद्र मोदी की सभा में गड़बड़ी पैदा करना चाहते थे। सारनाथ का बौद्ध मंदिर भी आतंकियों के निशाने पर है।

पुलिस ने बताया कि वकास से पूछताछ में पता चला है कि वह पिछले कई दिनों से मुंबई में था और वहां से ट्रेन से शनिवार को अजमेर पहुंचा था। उसकी राजस्थान मॉड्यूल के तीनों आतंकियों के जरिए किसी हमले को अंजाम देने की साजिश थी।
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भटकल ने लिया था वकास का नाम

यासीन भटकल और असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी की गिरफ्तारी के बाद बम धमाकों में वकास की भूमिका के बारे में पता चला था। कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान में उसकी तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि वकास राजस्थान में आईएम मॉड्यूल के आतंकियों से मिलने ट्रेन से आने वाला है और इसी के बाद उसे दबोच लिया गया।

पाकिस्तानी नागरिक वकास ने पाक में ही आतंकी ट्रेनिंग हासिल की है। पुलिस के मुताबिक वह हाइड्रोजन परॉक्साइड पर आधारित आईईडी बनाने में माहिर है। पुलिस ने आईएम के राजस्थान मॉड्यूल के जिन तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है, उनमें दो मारूफ और वकार जयपुर के निजी संस्थानों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, तीसरे आतंकी अंसारी का जोधपुर में कंप्यूटर डीटीपी और डिजाइन प्रिंटिंग का काम है।

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि वकास कई आतंकवादी हमलों में शामिल रहा है। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। इससे कई धमाकों में जांच की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी। हम दो-तीन और आतंकियों को भी पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
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